Sunday, 1 December 2019

"Taharrush"

तहर्रुश...। अरब में गैंगरेप को तहर्रूश कहते हैं। अरब में 'तहर्रुश' का खेल अक़्सर खेला जाता है। इसमें यदि कहीं कोई लड़की अकेली भीड़ में फंस जाए तो सबसे पहले उसको घेर लिया जाता है। उसके बाद सामूहिक बलात्कार किया जाता है। भीड़ उस लड़की को चारों ओर से घेरती है ताकि कोई उसे बचाने न आ सके। फिर बारी-बारी से सभी भेड़िये उस लड़की का बलात्कार करते हैं। 'तहर्रुश' अरबी शब्द है जिसका मतलब होता है ‘सामूहिक छेड़छाड़’। इस खेल में युवा सार्वजनिक स्थान पर अकेली लड़की को निशाना बनाते हैं, लड़की विधर्मी या काफिर हो, फिर तो कहने ही क्या...। झुंड में यह लड़के सबसे पहले लड़की के साथ शारीरिक छेड़छाड़ करते हैं फिर अंत में उसका बलात्कार करते हैं।

2011 में मिस्र में पहली बार यह घिनौना खेल तब चर्चा में आया था जब साउथ अफ़्रीका की रिपोर्टर लारा लोगन काहिरा के तहरीर स्क्वायर से रिपोर्टिंग कर रही थीं। तभी लड़कों के झुंड ने उन्हें घेर लिया। उनसे छेड़छाड़ की। लारा ने इस घटना के कई माह बाद बताते हुए कहा था “अचानक इसके पहले कि मुझे कुछ समझ में आए कुछ लोगों ने मुझे घेर लिया और मेरे शरीर पर जगह जगह छूने लगे, वो एक-दो नही बहुत सारे थे, यह ऐसा सिलसिला था जो लगातार चल रहा था।" मध्य पूर्व के अरब शरणार्थियों के यूरोप में बसने के बाद ये अमानवीय खेल अब यूरोप में भी जड़े जमाने लगा है, कुछेक वर्ष पूर्व नये साल पर जर्मनी में कई जगह ऐसी घटनाओं के होनी की ख़बर मिली थी, अपराधी सारे के सारे अरबी शरणार्थी थे, फ्रांस, स्वीडन, फिनलैंड में भी तहर्रुश अब आम बात हो गई है। कल डॉ. प्रियंका रेड्डी के साथ जो घटा है वह बता रहा है कि अब भारत भी तहर्रुश का शिकार बनने की कगार पर खड़ा है... !!

Sunday, 25 November 2018

Satya Vachan

जो प्रशंसा नहीं कर सकते, वो बदनाम करते है... !!
जो कर्म नहीं करते, वो परेशान करते है... !!
जो समझ नहीं रखते, वो हैरान करते है... !!
जो सोच नहीं सकते, वो बकवास करते है... !!
जो भ्रष्ट होते है, वो सन्तान को नष्ट करते है... !!
जो लोभी होते है, वो सेवा नहीं करते... !!
जो बुरी आदत रखते है, वो मित्रता खो देते है... !!
जो भावार्थ नहीं पढते, वो अनर्थ करते है... !!
जो अंधविश्वासी होते है, वो सत्यानाश करते है... !!
जो प्रयत्नशील नहीं होते, वो सत्य खो देते है... !!

Uttar Bhartiya Gaurav Puraskar

Received Uttar Bhartiya Film and television Gaurav Puraskar in Pune.

Adhura Gyan

एक मुर्ख व्यक्ति को समझाना आसान है, एक बुद्धिमान व्यक्ति को समझाना उससे भी आसान है, लेकिन एक अधूरे ज्ञान से भरे व्यक्ति को भगवान ब्रम्हा भी नहीं समझा सकते, क्यूंकि अधूरा ज्ञान मनुष्य को घमंडी और तर्क के प्रति अँधा बना देता है... !!

Monday, 1 October 2018

Vrindavan Gurukul

The flute is the symbol of spiritual call, the call of divine love... !!
With Padma vibhishan Pandit Hari Prasad Chaurasia at Vrindavan Gurukul, Mumbai.

Tuesday, 2 May 2017

Gaurav Puraskar, Pune

Received Gaurav Puraskar from Mr. Akhliendra Mishra in Opening Ceremony of Skylight Institute of Film, Television & Arts {SIFTA} Pune, Held on 30th April, 147th Birth Celebration of Dadasaheb Phalke, Father of Indian Cinema.

Wednesday, 13 January 2016

Happy Lohri, Pongal & Makar Sankranti,


Wish you a very happy & blessed Lohri, Pongal & Makar Sankranti, May this festivals bring joy and happiness to you and your families.