Friday, 18 March 2022

Happy Holi

आयुर्धनं शुभ्रयशोवितानं
निरामयं जीवनसंविधानम्।
समागतो होलिकोत्सवोऽयं
ददातु ते मांगलिकं विधानम्॥

भावार्थ :- इस होली के त्योहार पर आपको लंबी आयु, धन-वैभव, निर्मल यश, निरोगी जीवन और सम्मान मिलेयह होली आपको मंगलमय अधिष्ठान प्रदान करे... !! 
होली पर आप सभी को सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ.....✍️

Tuesday, 1 March 2022

Har Har Mahadev

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय 
तस्मे न काराय नम: शिवाय:
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय
नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय
तस्मे म काराय नम: शिवाय:
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय
तस्मै शि काराय नम: शिवाय:
अवन्तिकायां विहितावतारं
मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्
अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं 
वन्दे महाकालमहासुरेशम्

देवदेव महादेव नीलकण्ठ नमोsस्तु ते |
कर्तुमिच्छाम्यहं देव शिवरात्रिव्रतं तव ||
तव प्रसादाद्देवेश निर्विघ्नेन भवेदिति |
कामाद्याः शत्रवो मां वै पीडां कुर्वन्तु नैव हि ||

महाशिवरात्रि पर्व की अनेकानेक शुभकामनाएँ
 || हर हर महादेव ||

Wednesday, 3 November 2021

Happy Diwali

दीवाली के इस मंगल अवसर पर, आप सभी की मनोकामना पूरी हों, खुशियाँ आपके कदम चूमें, इसी कामना के साथ आप सभी को दिवाली की ढेरों शुभकामनाएं... !!

Thursday, 22 July 2021

मैं कान हूँ... !!

मैं कान हूँ, हम दो हैं, दोनों जुड़वां भाई, लेकिन हमारी किस्मत ही ऐसी है कि आज तक हमने एक दूसरे को देखा तक नहीं पता नहीं कौन से श्राप के कारण हमें विपरित दिशा में चिपका कर भेजा गया है, दु:ख सिर्फ इतना ही नहीं है हमें जिम्मेदारी सिर्फ सुनने की मिली है गालियाँ हों या तालियाँ, अच्छा हो या बुरा, सब हम ही सुनते हैं... !!

धीरे धीरे हमें खूंटी समझा जाने लगा, चश्मे का बोझ डाला गया, फ्रेम की डण्डी को हम पर फँसाया गया, ये दर्द सहा हमने, चश्मे का मामला आंखो का है तो हमें बीच में घसीटने का मतलब क्या है...? हम बोलते नहीं तो क्या हुआ, सुनते तो हैं ना, हर जगह बोलने वाले ही क्यों आगे रहते है....? बचपन में पढ़ाई में किसी का दिमाग काम न करे तो मास्टर जी हमें ही मरोड़ते हैं, जवान हुए तो आदमी, औरतें सबने सुन्दर सुन्दर लौंग, बालियाँ, झुमके आदि बनवाकर हम पर ही लटकाये, छेदन हमारा हुआ, और तारीफ चेहरे की और तो और श्रृंगार देखो आँखों के लिए काजल, मुँह के लिए क्रीमें, होठों के लिए लिपस्टिक, हमने आज तक कुछ माँगा हो तो बताओ कभी किसी कवि ने, शायर ने कान की कोई तारीफ की हो तो बताओ इनकी नजर में आँखे, होंठ, गाल, ये ही सब कुछ है हम तो जैसे किसी मृत्युभोज की बची खुची दो पूड़ियाँ हैं जिसे उठाकर चेहरे के साइड में  चिपका दिया बस और तो और, कई बार बालों के चक्कर में हम पर भी कट लगते हैं हमें डिटाॅल लगाकर पुचकार दिया जाता है बातें बहुत सी हैं, किससे कहें...?

कहते है दर्द बाँटने से मन हल्का हो जाता है, आँख से कहूँ तो वे आँसू टपकाती हैं, नाक से कहूँ तो वो बहती है, मुँह से कहूँ तो वो हाय हाय करके रोता है और बताऊँ पण्डित जी का जनेऊ, टेलर मास्टर की पेंसिल, मिस्त्री की बची हुई गुटखे की पुड़िया मोबाइल का एयरफोन सब हम ही सम्भालते हैं और आजकल ये नया नया मास्क का झंझट भी हम ही झेल रहे हैं कान नहीं जैसे पक्की खूँटियाँ हैं हम और भी कुछ टाँगना, लटकाना हो तो ले आओ भाई तैयार हैं हम... !!

Thursday, 1 July 2021

Thanks to Narendra Modi Ji

Thank you so much honorable Prime Minister of India Shree Narendra Modi Ji, It was nice, Thanks for making me feel special on my birthday.

Friday, 26 March 2021

Main Hairan Hu...

'' मैं हैरान हूं यह सोचकर , 
किसी औरत ने क्यों नहीं उठाई उंगली ?  
तुलसी दास पर ,जिसने कहा , 
"ढोल ,गंवार ,शूद्र, पशु, नारी,
ये सब ताड़न के अधिकारी।"

मैं हैरान हूं , 
किसी औरत ने
क्यों नहीं जलाई "मनुस्मृति"
जिसने पहनाई उन्हें
गुलामी की बेड़ियां ? 

मैं हैरान हूं , 
किसी औरत ने क्यों नहीं   धिक्कारा ?  
उस "राम" को
जिसने गर्भवती पत्नी सीता को , 
परीक्षा के बाद भी
निकाल दिया घर से बाहर
धक्के मार कर।

किसी औरत ने लानत नहीं भेजी
उन सब को, जिन्होंने
" औरत को समझ कर वस्तु"
लगा दिया था दाव पर
होता रहा "नपुंसक" योद्धाओं के बीच
समूची औरत जाति का चीरहरण ? 
महाभारत में ? 

मै हैरान हूं यह सोचकर , 
किसी औरत ने क्यों नहीं किया ? 
संयोगिता अंबा -अंबालिका के
दिन दहाड़े, अपहरण का विरोध
आज तक !

और मैं हैरान हूं , 
इतना कुछ होने के बाद भी
क्यों अपना "श्रद्धेय" मानकर
पूजती हैं मेरी मां - बहने
उन्हें देवता - भगवान मानकर? 

मैं हैरान हूं, 
उनकी चुप्पी देखकर
इसे उनकी सहनशीलता कहूं या
अंध श्रद्धा , या फिर
मानसिक गुलामी की पराकाष्ठा ?'' 

                 :- महादेवी वर्मा